Hindi poem on corona

Hindi poem on Coronavirus – इस महामारी ने सच में हम सभी को बोर कर दिया है। लेकिन चिंता न करें, हमारी महाकाव्य कविता पढ़ें जो आपको प्रेरणा और सकारात्मक ऊर्जा से भर देगी।

जब तक को हैं, तब तक रोना हैं।
फ़िर बाद में मौज मस्ती तो होना हैं।
यही तो महामारी कोरोना हैं।

डरना नहीं, पर संभल कर चलना हैं।
साबुन से हाथ 20 सेकंड रगड़ना हैं।
फालतू का सेर सपाटा बंद करना हैं।
फ़िर बाद में मौज मस्ती तो होना हैं।
यही तो महामारी कोरोना हैं।

Hindi Poem on corona

स्वच्छता का ध्यान थोड़ा ज्यादा रखना हैं।
इम्यूनिटी के लिए काढ़ा जरूर पीना हैं।
2 गज की दूरी हो चली ज़रूरी हैं।
हाई! हेल्लो! त्याग कर राम राम पर लौटना हैं।
फ़िर बाद में मौज मस्ती तो होना हैं।
यही तो महामारी कोरोना हैं।

प्रधानमंत्री ने दिए थे कुच्छ टास्क।
हाथ में सेनेटाइजर और मुँह पर ज़रूरी हैं मास्क।
हो बुख़ार खांसी तो गरम पानी पीना हैं।
फ़िर बाद में मौज मस्ती तो होना हैं।
यही तो महामारी कोरोना हैं।

Hindi Poem on corona

भारत का बूढ़ा भी तो अभी यंग हैं।
डरने की बात नहीं, सरकार अपने संग हैं।
डॉक्टर भी तो इलाज़ में मग्न हैं
उत्साह की बाक़ी अभी उमंग हैं।
फ़िर बाद में मौज मस्ती तो होना हैं।
यही तो महामारी कोरोना हैं।

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3 thoughts on “Hindi poem on Coronavirus || कोरोना वायरस पर कविता”

  1. इस महामारी के दौर में उत्साह देने वाली रचना अति उत्तम

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