Hindi poem on mother

Hindi poem on mother – दुनिया की सभी माताओं को समर्पित। हम आपको इस दुनिया में आपके लिए सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति पर महाकाव्य कविता प्रस्तुत करते हैं। माँ पर कविता –

जिसमे दीखता इस जीवन का अक्स, वो ममतामयी दर्पण है माँ,
बच्चों की खुशियों के खातिर, ख़ुशी से करती जीवन अर्पण है माँ।


कभी स्नेह की ज़िंदा मूरत, तो कभी दया की सर्जन है माँ,
कभी शिशु की सारी दुनिया, तो कभी ईश्वर का दर्शन है माँ।


रोते शिशु को सिखाती है हँसना, जीवन की पहली गुरु है माँ,
सोती फिर उस मुस्कान को देख, उसी मुस्कान को देख, दिन करती शुरू है माँ।

माँ पर कविता
शिशु को रखती फूल के जैसे, उसकी बाग़बानी करती माली है माँ,
भरी हुई है भावों से निरंतर, फिर भी क्रोध-द्वेष से खाली है माँ।


जो होती है निराशाओं की शाम कभी, तो आशाओं की भोर है माँ,
जो संभाले भटकने से हर डगर पर, वो हौसलों की डोर है माँ।


अगर दुनिया है धूप घनेरी, तो शीतलमय छाँव है माँ,
अगर संसार है समन्दर तूफानी, तो उनसे लड़ती नाव है माँ।


जो बचाती दुनिया की बुरी नज़रों से, माथे का वो काजल है माँ,
जिसकी पनाह में मिलता सुकून, वात्सल्य का वो आँचल है माँ।


कितनी भी हो विकट परेशानी, हर समस्या का सीधा हल है माँ,
नहीं व्यक्त कर सकते शब्द जिसे, ईश्वर की लिखी वो ग़ज़ल है माँ।

Poem in Hindi

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1 thought on “माँ पर कविता || Hindi Poem On Mother”

  1. माँ तो माँ होती है!दिल को सुकून देने वाली रचना

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