Hindi story on teachers – एक शिक्षक को भगवान के रूप में देखा जाता है। लेकिन क्या वास्तव में इसे उस तरह की सराहना मिलती है? क्या आपने कभी सोचा है कि एक शिक्षक का जीवन कितना कठिन होता है? नीचे दी गई कहानी पढ़ें और शिक्षक की पीड़ा के बारे में जानें।

आपके एक या दो बच्चे हैं, और
कभी-कभार आप उनकी शरारतों पर
झल्ला कर उनकी कनपटी तक
सेंक देते हैं, तो ज़रा सोचिएगा कि
… एक शिक्षक …
इतने सारे बच्चों को
कैसे संभालता है.

आप खुद tv या mobile में व्यस्त हैं.
आपका बच्चा आपके पास आता है.
आप उस अधखिले फूल को
झिड़क देते हैं ~
👉 जाओ भागो ! पढ़ाई करो.

Hindi story on teacher's agony

ज़रा मन को शांत करके
विचारियेगा, कि …
एक मास्टर किस तरह
अलग-अलग बुद्धिलब्धि वाले
और अलग-अलग
अभिरुचि वाले बच्चों को
45 मिनट तक एक सूत्र में
👉 बाँध के रखता है.

आपका बच्चा ..
दिन भर गेम खेलता है,
घर पर पढ़ता नहीं है.
इसकी भी शिकायत
आप टीचर से करते हैं ~
क्या करें, हमारा मुन्ना तो
हमारी बात ही नहीं सुनता.
ज़रा डराइये इसे.

अरे भाई ! बच्चे को डराना है, तो
उसे किसी बाघ के सामने ले जाओ.

आप “गुरु ब्रह्मा” टाइप की बातें रटते हैं
पर आप … भगवान तो छोड़िए,
👉 टीचर को इंसान तक नहीं मानते.
आप ये मानने को तैयार ही नहीं, कि
टीचर का व्यक्तिगत जीवन भी है,
उसकी भावनाएं भी है,
उसकी लिमिटेशंस भी हैं.

Hindi story on teacher's agony

आप कहते हैं कि ~
बच्चे को डांट-डपट के रखिये.
सरकार कहती है कि ~
किसी बच्चे को मारना तो दूर,
अगर गधा-उल्लू-पाज़ी भी कहा, तो
मास्टरजी की मास्टरी
भुलवा दी जाएगी.

अन्य विभागों के कर्मचारियों की तरह
शिक्षक .. सिर्फ एक वेतन-भोगी
नहीं होता. इसमें सिर्फ सेवा का
आदान प्रदान नहीं होता.
छात्र-शिक्षक के बीच
तमाम मानवीय मूल्यों का भी
लेन-देन होता है.

आप अपने छोटे-मोटे
काम कराने के लिए
सरकारी कर्मचारियों के आगे
दाँत चियारते रहते हैं.
हाथ जोड़ते हैं,
पैर पकड़ते हैं, लेकिन
टीचर .. जो कि आपकी सन्तान को
शिक्षा दे रहा है, उसकी एक गल्ती
👉 आपसे बर्दाश्त नहीं होती.

Student

आप का बच्चा, वो बच्चा …
जिसके लिए आपने मंदिरों और
अस्पतालों के जाने कितने चक्कर
काटे होंगे, अगर एक ही चीज़
3-4 बार पूछ ले, तो
आपके शरीर का
👉 तापमान बढ़ जाता है.

अब जरा सोचिये कि
टीचर किस धैर्य के साथ
👇 बताता है कि 👇
3+1 और 1+3
दोनों बराबर होते हैं.
भले ही ये एक दूसरे के
विपरीत नज़र आते हैं.

टीचर ने रात में किसी टॉपिक की
तैयारी की. सुबह 45 मिनट तक
तन-मन से उस टॉपिक को
क्लास में प्रस्तुत किया.
पूरे आत्मविश्वास के साथ
वो क्लास से पूछता है ~
अब तो समझ गए सब लोग ?

और पीछे वाली बेंच पर बैठे
रवि और पंकज
उदास होकर बोलें ~
सर ! एक बार और बता दीजिए.

खैर .. टीचर की नौकरी करने का
एक फायदा ये है कि
मूर्खता पूर्ण सवालों, कटाक्षों,
व्यंग्योक्तियों और नासमझों की
बातों पर गुस्सा तो
बिल्कुल नहीं आता.
हँसी भी नहीं आती.
आती है तो … सिर्फ दया.
आता है तो … सिर्फ प्यार.

अगर आपने अपने जीवन में
किसी से, कभी भी, कहीं भी
कुछ भी सीखा है, तो वो
आपका शिक्षक ही है.

(((((((())))))))

सभी शिक्षक बंधुओ को समर्पित एवं
सभी सम्मानित अविभावकों को
चिंतन करने हेतु प्रेषित.

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Story in Hindi

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2 thoughts on “Hindi story on Teachers || शिक्षक की पीड़ा पर कहानी।”

    1. हमें खुशी है कि आपको यह कहानी पसंद आई। अपने विचारों को बांटने के लिए धन्यवाद।

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