Poem on girl child in hindi.

Hindi poem on girl child – हमारी वर्तमान दुनिया खतरों से भरी है। हमारी महाकाव्य कविता पढ़ें कि कैसे एक बच्ची, दुर्भाग्य से, इन खतरों में से एक का शिकार हो जाती है।

वो फूल सी नाज़ुक बच्ची,
घर के आंगन की कली थी।
मात-पिता की आँख का तारा,
खुशियों से भरी थी।।
उसकी मासूम मुस्कान से,
देखने वाले का दिन बन जाता।
उसकी मासूम किलकारी से,
सब दुःख दूर हो जाता।।
वो 3 साल की परी थी,
उसपे ये कैसा अत्याचार हुआ?
ईश्वर को भी जब हुआ पछतावा,
ये किस गिद्ध को इंसान बनाया।?
मसला उसका शरीर था,
पर मरा उसका बचपन था!
वो 3 साल की बच्ची थी,
ज़ख्मी जिसकी रूह थी!
जिस मासूम को देख मन में,
स्नेह की गंगा बहती थी।
क्या गलती थी उस बच्ची की,?
जिसने झेली ये हैवानियत थी!?
उस नन्ही परी पर जुल्म हुआ,
क्या गलती उसकी रही होगी??
मेरा कालेजा फट आया,
तो माँ उसकी कैसे सोई होगी!??
छोटे कपड़ो के कारण हुआ रेप,
उन विद्वानों से पूछती मैं!
3 साल की बच्ची को,
साड़ी कैसे पहनाऊँ मैं!!?
भारत को बेटी देने में,
भगवान भी अब घबराएगा!
अब भी ना हम सुधरे तो,
एक दिन ऐसा आएगा…

Story in Hindi

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1 thought on “Hindi Poem on girl child || बालिका पर कविता”

  1. समाज की सच्चाई को उजागर करती है यह कविता

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